फरीदाबाद: पुलिस स्टेशन के मालखाने से 32 लाइसेंसी बंदूकें गायब, ASI पर चोरी का केस दर्ज

  • फरीदाबाद: पुलिस स्टेशन के मालखाने से 32 लाइसेंसी बंदूकें गायब, ASI पर चोरी का केस दर्ज, 
  • सेक्टर आठ थाने के हथियारखाने में बड़ा खुलासा, 32 महंगे लाइसेंसी हथियार चोरी होने से हड़कंप, 
  • मालखाने की जांच में खुला राज, पहले 13 फिर सामने आए 32 गायब हथियार, 
  • मालखाना प्रभारी ASI बिजेंद्र सिंह निलंबित, 
  • पुलिस ने शुरू की बरामदगी की तलाश

 

फरीदाबाद। सेक्टर आठ पुलिस स्टेशन के मालखाने से लाइसेंसी हथियारों के गायब होने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस हिरासत में रखे गए कुल 32 हथियारों के गायब मिलने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद मालखाना प्रभारी एएसआई बिजेंद्र सिंह के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है।

फरीदाबाद पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कार्रवाई करते हुए एएसआई बिजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की departmental inquiry शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की चोरी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

मालखाने की जांच में सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने सुरक्षा कारणों से अपने लाइसेंसी हथियार पुलिस स्टेशन में जमा कराए थे। इन हथियारों को जरूरत पड़ने पर वापस किए जाने की व्यवस्था थी। पुलिस स्टेशन के मालखाने में रखे इन हथियारों की समय-समय पर जांच की जाती है।

हाल ही में नियमित निरीक्षण के दौरान हथियारों की संख्या में अंतर पाया गया। शुरुआती जांच में 13 हथियारों के गायब होने की बात सामने आई थी, लेकिन विस्तृत जांच के बाद यह संख्या बढ़कर 32 तक पहुंच गई।

इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई और जांच शुरू कराई गई। जांच टीम ने रिकॉर्ड और मालखाने में रखे हथियारों का मिलान किया, जिसमें कई लाइसेंसी हथियारों के गायब होने की पुष्टि हुई।

गायब हथियारों में विदेशी पिस्तौल भी शामिल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गायब हुए हथियारों में कई महंगे और विदेशी निर्मित आग्नेयास्त्र शामिल हैं। इन हथियारों की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक बताई जा रही है। इनमें कुछ विदेशी पिस्तौलें भी शामिल हैं, जिनकी बाजार कीमत काफी अधिक है।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि चोरी किए गए हथियारों को राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बेचा गया हो सकता है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

बरामदगी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गायब हथियारों को जल्द से जल्द बरामद करना है। इसके लिए संबंधित रिकॉर्ड, मालखाने की व्यवस्था और संभावित संपर्कों की जांच की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मामले की संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक न की जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो।

पुलिस आयुक्त ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

फरीदाबाद पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हथियारों की चोरी में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला पुलिस विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और मालखाने में रखे महत्वपूर्ण सामान की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हथियार किस तरह गायब हुए और इसमें कितने लोग शामिल थे।

 

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